दो जिस्मो की हवस (do jismo ki havas)
उसने मुझे जैसे ही छुआ मेरे तन बदन में आग लग गयी! मैं अपने आप को रोक न पाई! और जोर से उसे अपनी बाहों में जकड लिया, वो भी अपने आप को कहाँ रोकने वाला था! उसने भी मुझे कसके पकड़ लिया और अपने हाथो से मेरे नितम्बों तो अपनी और खीचने लगा! मेरी उत्तेजेना बढती ही जा रही थी, की उसने अपने होठ मेरे
होठो पर रख दिए और अब हम दोनों एक दुसरे को चूमने लगे! हम दोनों इस वक़्त एक दुसरे की गर्मी को महसूस कर रहे थे! उसने मेरी स्कर्ट को पीछे से उपर उठा दिया और मेरी पेंटी में अपने हाथ घुसा दिए! मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था!
करीं ७/८ मिनट्स तक एक दुसरे को चूमने के पश्चात् उसने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया और सोफे पर लिटा दिया! अब वो मेरे उपर था और हम दोनों एक दुसरे को चूम रहे थे! धीरे धीरे उसने मेरे ऊपर के बटन खोलने शुरू कर दिए और मेरे स्तनों को अपने हाथो से दबाने लगा...
पढ़े पूरी कहानी.....http://www.myspicystories.com
उसने मुझे जैसे ही छुआ मेरे तन बदन में आग लग गयी! मैं अपने आप को रोक न पाई! और जोर से उसे अपनी बाहों में जकड लिया, वो भी अपने आप को कहाँ रोकने वाला था! उसने भी मुझे कसके पकड़ लिया और अपने हाथो से मेरे नितम्बों तो अपनी और खीचने लगा! मेरी उत्तेजेना बढती ही जा रही थी, की उसने अपने होठ मेरे
होठो पर रख दिए और अब हम दोनों एक दुसरे को चूमने लगे! हम दोनों इस वक़्त एक दुसरे की गर्मी को महसूस कर रहे थे! उसने मेरी स्कर्ट को पीछे से उपर उठा दिया और मेरी पेंटी में अपने हाथ घुसा दिए! मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था!
करीं ७/८ मिनट्स तक एक दुसरे को चूमने के पश्चात् उसने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया और सोफे पर लिटा दिया! अब वो मेरे उपर था और हम दोनों एक दुसरे को चूम रहे थे! धीरे धीरे उसने मेरे ऊपर के बटन खोलने शुरू कर दिए और मेरे स्तनों को अपने हाथो से दबाने लगा...
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